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संक्षिप्त परिचय
शिक्षा प्रकाश का वह क्षेत्र है जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हमारा पथ प्रदर्शन करता है | शिक्षा के बिना मानव विकाश अकल्पनीय है | इस तथ्य के दृष्टिगत इस शिक्षण संस्थान के संचालन का दायित्व निर्वहन करने वाली भगवान बुद्ध एजुकेशनल वेल्फेयर सोसाइटी हिरन्दापुर उच्च शिक्षा से वंचित इस क्षेत्र में उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित करने का सकल्प लिया ,जो इस क्षेत्र में सर्वागीण विकाश , उन्नति और बहुमुखी प्रगति की आधार शिला है|यह क्षेत्र उच्च शिक्षा से वंचित रहा इस कमी को दूर करने हेतु एवं इस पिछड़े क्षेत्र के सामाजिक , शैक्षणिक उन्नय के दृष्टिकोण से इस महाविद्यालय की स्थापना की गयी है |
वस्तुत: अन्य महाविद्यालय के दूरस्थ होने से आर्थिक रूप से पिछड़े बहुसख्यक परिवार के बच्चे इन्टरमीडियट के बाद उच्च शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ हो जाते थे | सवार्धिक परेशानी छात्राओ के लिए थी ,जो उनके कठिनाईयो के बावजूद उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु घर से बहुत दूर जाने के लिए विवश थी |
महाविद्यालय परिवार .प्रबन्ध समिति एवं कालेज स्थपना से जुड़े लोग उन सभी महानुभावों के प्रति सादर आभारी है जिन्होंने कालेज की स्थपना हेतु प्रेरणा देकर उसके उन्नय का मार्ग प्रशस्त किया |
उद्देश्य
1 इस अति पिछड़े एवं गरीब क्षेत्र में छात्र/छात्राओ हेतु उच्च शिक्षा को सुल्ब करना |
2 छात्र/छात्राओ के व्यकितत्व के बहुमुखी विकाश के साथ-साथ उनमे रचनात्मक अभिरुचि जागृत करना |
3 अनुशासन, नैतिक ईमानदारी छात्र/छात्राओ का निर्माण करना |
4 तार्किक ,बैज्ञानिक ,रचनात्मक दृष्टिकोण के विकाश के साथ -साथ मानव मूल्यों पर बल देना |
5 सिमित सन्साधनों में कठोर परिश्रमकी महत्ता को प्रिपादित करते हुए सत्यम,शिवम सुन्दरम की कल्पना को साकार रूप देना |
6 छात्र/छात्राओ को भारत के गोरवशाली अतीत से परिचित कराते हुए सास्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में उनकी उर्जा को संबद्दित करना शिक्षा के द्वारा ही व्यकित में सयमशीलता ,सचरित्रता और जीवन में सुचारुता आती है| शिक्षा के कारण ही व्यकित सत्यम,शिवम सुन्दरम की खोज करता है भगवान बुद्ध लक्ष्मी महाविद्यालय भी सत्यम,शिवम सुन्दरम के विचार से प्रेरित होकर समाज के शैक्षिक उत्थान में अपना उत्कृष्ट योगदान क्र रहा है| महाविद्यालय में बी.ए. प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रारम्भ हो चुका है | समाज में रोजगार के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दृष्टिकोण छात्र/छात्राओ के मानसिक व चारित्रिक निर्माण के लिए आदर्शवादी गुरुजनों की समर्पित धारा सदैव तत्पर है | आप सुधीजनों का सहयोग रहा तो निश्चित रूप से हम सभी लोग अपनी सास्कृतिक विरासत को अवश्य स्थापित करेगे | मै संस्थापक के रूप में महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्र/छात्राओ के मगलमय भविष्य की कामना करता हूँ| प्रभुआप सबके जीवन को ज्ञान के आलोक से पूरित करे|


